Wednesday, June 23, 2010

DeSSert pleaSure !!






It seemed -
a slow-going evening.......the clouds above
were busy-dressing themselves up
for the evening show......
Soon the blackness, hit the stage n
all you could hear is the patter of rains....
tip-tap-tip-tap-tip-tap......live n musical ! :)


and, suddenly, the foodie in-side me
pushed me towards the kitchen
my chef's cap on......adorned with a cheerful heart
picking up "cuStard-pOwder, sugar n milk"
I mixed n poured n stirred the yellow batter......
Awaiting......a flavoured boil....... 1 2 3
4 5 6 .......... n its DeLiciOusly ReAdy......... delight-full !


Thus,
treated myself to a wonder and
"cup full" of creamy Yellow-cuStard this Tuesday evening !!

~~ :)

Sunday, June 20, 2010

रूमानी हुई सी बारिश !!



डर, जीझक और शर्म के बंधन
आज मानो खुल से रहे हैं
अपने–आप, बरबस ही.......!

और जैसे मेरे दिल ने, हॅस कर, चुप-चाप
यह सब होने की इजाज़त दे दी....... :)


शायद, इंतेज़ार ख़त्म हो जाए अब
सरकती लम्हों ने इशारे में कहा है मुझसे....

मैं खुश हूँ, बहुत खुश !!



याद है मुझे:
तुम्हारी मुस्कुराहट में, हज़ारों ग़मों को खोया था मैंने
तुम्हारी प्यारी बातों में खो कर, अपने अप को पाया था मैंने
और
तुम्हारी हसीन बाहों में, घर को बनाया और सजाया था मैंने


ख्वाहिश......सब पूरी हुई, ख्वाब रोज़-रोज़
आखों में सजने लगे
दिन खुल कर-जी कर, गुज़ारने की
अच्छी आदत लग गयी.....

मैं खुश थी, बहुत खुश !!

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आज फिर से जैसे,
एक बहुत खूबसूरत, पुराने एहसास ने
किवाड़ खटखटाया
कोइ करीबी “दोस्त” घर मिलने आया है शायद ! :)



एक तरफ,
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बारिश ने बसस-बरस कर अपने आने की खबर दी
बूँदो के पड़ते ही, सब नज़ारे बदले से नज़र आए !

सूखी सी, तरसती हुई वो ज़मीन पर
जैसे हर तरफ रंग बिखर से गये.....
सौंधी-सौंधी सी खुश्बू
रिम-झिम बूँदो की सरगम, सब
साफ सुनाई दे रही थी

दिनों की खामोशी.....पल में दूर हो गयी !



और दूसरी तरफ,
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मैं भी भीग रही थी......
कुछ हसीन बीताए हुए रूमानी
यादों के साए में.....

तुम्हारी मीठी हँसी की खिलखिलाहट
ढेर सारी शरारत..... :)

आँखें मूंद कर, ग़ुज़ारे उन लम्हों
के सिरहाने, एक सुकून था....!

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बारिश के बहाने से, ख़यालों में ही सही
तुम्हें फिर से,
अपने......इतने करीब पाया !

यूँ ही इसे,
सबसे खुशनुमार और रूमानी मौसम नही कहते....
आज याकीन हो चला है, मुझे ! :)





Saturday, June 12, 2010

भीगी हुई ! !


बारिश मुझे पसंद नही........

सवाल हुए.......क्यों ??
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सबसे प्यारे मौसम में
जब बारिश अपनी ताज़गी से
सभी को भिगोति नज़र आती है....

सौंधी-सौंधी खुश्बू से मन
ललच उठता है और.....जब
छोटी-छोटी बूँदें बदन पे
फिसलती हुई गुदगुदती है....

खिल के – खुल के हसने के हज़ारों
वाजिब वजह मिलते हैं !! :)
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पत्ते मानो "make-over" के बाद
स्याने और खूबसूरत हो जाते हैं

समंदर, दरिया और नदिया.....खेलते,
मचलते और शोर मचाते हैं

चाँद-सितारे, छुप-के अँधियारे में
दूर कहीं.....आराम फरमाते हैं

बिजली ज़ोर-ज़ोर से
गरज-गरज के......डराते हैं ! :)
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छटरियाँ............ रंग-बिरंगी
पकोडे............... तीखी-तीखी
कॉफी................ गरम-गरम
गप-शप............. नरम-नरम
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यह सब......... :)


लेकिन,
बारिश मुझे पसंद नही........
बारिश मुझे पसंद नही........
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बारिश में खूबसूरत दिखाई देती भीगी-भीगी सी ज़मीन
मानो मुझे जलाती हैं, एहसास दिलाती हैं;

“दो, एक-से दिखते नज़ारे, लेकिन जिनके मायने बिल्कुल एक दूसरे से परे”

जहाँ एक तरफ, बारिश एक नयी शुरुआत का प्रतीक है,
वहीं,
सालहासाल भीगी हुई मेरी आँखें
सब ख़त्म होने का अंदेशा है.....

वो थक सी गई हैं अब
एक नये से मौसम के इंतेज़ार में...

जब बहते हुए आँसू “खुशी-वाले” हो जाए
और भीतर एक नयी उमंग, चाहत और एक नया ख्वाब
का जन्म हो !!


इंतेज़ार है, बस इंतेज़ार !

Sunday, June 6, 2010

Exoticaaaa !!




06 June, 2010
Sunday, 9.30 p.m.
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1401, B-wing, Tridev appt
Mulund (W), Mumbai
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Adorned with beautiful thoughts
A pair of BIG wings
Nestling dreams of a magical world
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Adjusting all my guts
To zest up this lovely summer night
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Dim-lights
Half-shinning MooN above
Enrique singing on my i-pod
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1 mango
Bowl of red water-melon
Glass of juice
Chilled & fruity
"DiNNeR !"
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Perfect potion for
Bliss & good health
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End to
A sumptuous SuN-DaY !
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Joie de vivre !! :)